बाबुल का घर छोड़कर बेटी पिया के घर चली लिरिक्स

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दोस्तों एक बहुत ही प्यारा गीत आए हो "बाबुल का घर छोड़कर " की lyrics लेकर आया हु यह गीत सैनिक फ़िल्म का है जिसे अलका याग्निक और कुमार सानू ने गाया है व इस गीत को समीर ने लिखा है।


Song : बाबुल का घर छोड़कर

Singers : Kumar Sanu, Alka Yagnik

Music Director : Nadeem - Shravan

Lyricist: Sameer


बाबुल का घर छोड़कर बेटी पिया के घर चली लिरिक्स



बाबुल का घर छोड़ के

बेटी पिया के घर चली

बाबुल का घर छोड़ के

बेटी पिया के घर चली


ये कैसी घड़ी आई है

मिलन है, जुदाई है

ये कैसी घड़ी आई है

मिलन है, जुदाई है


बाबुल का घर छोड़ के

बेटी पिया के घर चली

ये कैसी घड़ी आई है

मिलन है, जुदाई है

मिलन है, जुदाई है


बचपन के वो खेल-खिलौने

छोड़ के सब जाएगी

वो राजा-रानी की कहानी

याद बहुत आएगी


रो कर भी ममता की क़ीमत

कैसे चुका पाएगी?


बाबुल का घर छोड़ के

बेटी पिया के घर चली

ये कैसी घड़ी आई है

मिलन है, जुदाई है

मिलन है, जुदाई है


मयका है दो दिन का बसेरा

कौन यहाँ रह पाए

बिन बेटे का बाप भी देखो

बेटी का ब्याह रचाए


रोके रुके ना आँसू की धारा

आँख छलकती जाए


बाबुल का घर छोड़ के

बेटी पिया के घर चली

ये कैसी घड़ी आई है

मिलन है, जुदाई है


ये कैसी घड़ी आई है

मिलन है, जुदाई है


बाबुल का घर छोड़ के

बेटी पिया के घर चली

ये कैसी घड़ी आई है

मिलन है, जुदाई है

मिलन है, जुदाई है

मिलन है, जुदाई है

मिलन है, जुदाई है
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